रुद्राभिषेक विधि — Rudrabhishek Puja Vidhi
Shivling par Rudrabhishek — dravya, mantra aur vidhi.
रुद्राभिषेक भगवान शिव की सर्वश्रेष्ठ पूजा मानी जाती है, जिसमें शिवलिंग पर विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक कर रुद्र मंत्रों का जप किया जाता है। यह रोग, ग्रह-दोष व कष्ट निवारण के लिए अत्यंत प्रभावी है।
अभिषेक द्रव्य एवं फल
जल — शांति; दूध — संतान व आरोग्य; शहद — वाणी; घी — वंश वृद्धि; गन्ने का रस — ऐश्वर्य; दही — समृद्धि।
विधि
- शिवलिंग को स्वच्छ कर पूर्व/उत्तर मुख होकर बैठें।
- संकल्प लेकर गणेश व नवग्रह का स्मरण करें।
- "ॐ नमः शिवाय" व महामृत्युंजय मंत्र जपते हुए द्रव्यों से अभिषेक करें।
- बेलपत्र, धतूरा, भस्म व चंदन अर्पित करें।
- शिव चालीसा/आरती कर प्रसाद वितरण करें।
॥ ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ॥
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQ
रुद्राभिषेक कब कराना चाहिए?
सोमवार, प्रदोष, महाशिवरात्रि व सावन में रुद्राभिषेक विशेष फलदायी है; योग्य पंडित से कराना उत्तम रहता है।
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