कृष्ण जन्माष्टमी — Janmashtami: व्रत, पूजा और झांकी की विधि
Bhagwan Krishna ke janmotsav Janmashtami ka mahatva aur vrat vidhi.
जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व है। मध्यरात्रि में, जब कृष्ण का जन्म हुआ माना जाता है, भक्त झांकी सजाकर, भजन गाकर और लड्डू गोपाल का अभिषेक कर उत्सव मनाते हैं।
कबभाद्रपद कृष्ण अष्टमी (अगस्त–सितंबर)
देवताश्रीकृष्ण
जन्ममध्यरात्रि, रोहिणी नक्षत्र
व्रत एवं पूजा विधि
- दिनभर उपवास रखें (फलाहार या निर्जल)।
- लड्डू गोपाल/कृष्ण की प्रतिमा को झूले में सजाएँ।
- मध्यरात्रि में पंचामृत से अभिषेक कर नए वस्त्र व मुकुट पहनाएँ।
- माखन-मिश्री व 56 भोग अर्पित कर आरती करें।
- भजन-कीर्तन कर पारण करें।
॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ · हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQ
दही हांडी क्या है?
कृष्ण की माखन-चोरी लीला की स्मृति में ऊँचाई पर बँधी दही की हांडी को युवाओं की टोली मानव-पिरामिड बनाकर फोड़ती है।
टिप्पणियाँ / Comments (0)
पहली टिप्पणी करें।