आरती करने की सही विधि — Aarti Kaise Karein
Aarti ki sahi vidhi, niyam aur uska aadhyatmik arth.
आरती पूजा का समापन-अंग है, जिसमें दीप/कपूर की ज्योति से देवता की स्तुति की जाती है। यह भक्त की श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है।
सही विधि
- आरती की थाली में दीप/कपूर, पुष्प, अक्षत व धूप रखें।
- दाहिने हाथ से आरती को घड़ी की दिशा (clockwise) में घुमाएँ।
- देवता के चरणों से आरंभ कर मुख तक — 4 बार चरण, 2 बार नाभि, 1 बार मुख, 7 बार सर्वांग।
- बाएँ हाथ से घंटी बजाएँ और आरती गान करें।
- अंत में आरती की ज्योति पर हाथ फेरकर आँखों/सिर से लगाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQ
आरती के बाद ज्योति पर हाथ क्यों फेरते हैं?
यह देवता के तेज व आशीर्वाद को ग्रहण करने का प्रतीक है — ज्योति की ऊष्मा को शुभ ऊर्जा मानकर स्वयं पर लगाया जाता है।
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