रक्षाबंधन — Raksha Bandhan: महत्व, कथा और राखी बाँधने की विधि
Bhai-bahan ke sneh ka parv — Raksha Bandhan ka mahatva aur shubh muhurat.
रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व है। बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधकर उसकी दीर्घायु और सुख की कामना करती है, और भाई उसकी रक्षा का वचन देता है।
कबश्रावण पूर्णिमा (अगस्त)
भावरक्षा का वचन
विशेषभद्रा रहित मुहूर्त
राखी बाँधने की विधि
- थाली में राखी, रोली, अक्षत, दीप व मिठाई सजाएँ।
- भाई को पूर्व/उत्तर दिशा की ओर मुख कर बैठाएँ।
- तिलक लगाकर, अक्षत लगाकर राखी बाँधें और आरती करें।
- मिठाई खिलाएँ; भाई बहन को उपहार व रक्षा का वचन दे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQ
भद्रा में राखी क्यों नहीं बाँधते?
शास्त्रों के अनुसार भद्रा काल अशुभ माना जाता है; इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद ही राखी बाँधना शुभ होता है।
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