कलावा / मौली का महत्व और बाँधने की विधि
Kalava (mauli) kyon bandhte hain aur sahi niyam.
कलावा (मौली) कलाई पर बाँधा जाने वाला पवित्र लाल-पीला धागा है, जो रक्षा, संकल्प और शुभता का प्रतीक है।
बाँधने की विधि
- पुरुष व अविवाहित कन्या — दाहिने हाथ में।
- विवाहित स्त्री — बाएँ हाथ में।
- कलावा बँधवाते समय मुट्ठी बंद रखें और दूसरा हाथ सिर पर।
- 3 या 5 बार लपेटकर बाँधें और मंत्र/संकल्प बोलें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQ
पुराना कलावा क्या करें?
उतारने के बाद पुराने कलावे को बहते जल में प्रवाहित करें या पीपल वृक्ष के नीचे रखें — कूड़े में न फेंकें।
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