करवा चौथ — Karva Chauth: व्रत विधि, कथा और चंद्र पूजन
Suhagan striyon ka nirjala vrat — Karva Chauth ki poori vidhi.
करवा चौथ सुहागिन स्त्रियों का पर्व है, जिसमें वे पति की दीर्घायु व सुख की कामना से सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं।
कबकार्तिक कृष्ण चतुर्थी (अक्टूबर–नवंबर)
व्रतनिर्जला
समापनचंद्र दर्शन के बाद
व्रत विधि
- सरगी (सास द्वारा दिया भोजन) खाकर सूर्योदय से पूर्व व्रत आरंभ करें।
- दिनभर निर्जल व्रत रखें; शाम को करवा माता व गणेश की पूजा करें।
- करवा चौथ कथा सुनें और थाली से पूजन करें।
- चंद्रोदय पर छलनी से चंद्रमा व पति के दर्शन कर अर्घ्य दें।
- पति के हाथ से जल पीकर व्रत का पारण करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQ
सरगी क्या है?
सरगी वह भोजन है जो सास सूर्योदय से पहले बहू को देती है; इसे खाकर ही निर्जला व्रत आरंभ किया जाता है।
टिप्पणियाँ / Comments (0)
पहली टिप्पणी करें।