करवा चौथ — Karva Chauth: व्रत विधि, कथा और चंद्र पूजन

Suhagan striyon ka nirjala vrat — Karva Chauth ki poori vidhi.

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करवा चौथ सुहागिन स्त्रियों का पर्व है, जिसमें वे पति की दीर्घायु व सुख की कामना से सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं।

कबकार्तिक कृष्ण चतुर्थी (अक्टूबर–नवंबर)
व्रतनिर्जला
समापनचंद्र दर्शन के बाद

व्रत विधि

  1. सरगी (सास द्वारा दिया भोजन) खाकर सूर्योदय से पूर्व व्रत आरंभ करें।
  2. दिनभर निर्जल व्रत रखें; शाम को करवा माता व गणेश की पूजा करें।
  3. करवा चौथ कथा सुनें और थाली से पूजन करें।
  4. चंद्रोदय पर छलनी से चंद्रमा व पति के दर्शन कर अर्घ्य दें।
  5. पति के हाथ से जल पीकर व्रत का पारण करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQ

सरगी क्या है?

सरगी वह भोजन है जो सास सूर्योदय से पहले बहू को देती है; इसे खाकर ही निर्जला व्रत आरंभ किया जाता है।

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