दशहरा / विजयादशमी — Dussehra: रावण दहन और महत्व
Asatya par satya ki vijay ka parv — Vijayadashami ka mahatva.
दशहरा (विजयादशमी) बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व है। इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया और माँ दुर्गा ने महिषासुर का। यह शौर्य और धर्म की विजय का प्रतीक है।
कबआश्विन शुक्ल दशमी (अक्टूबर)
प्रतीकराम–रावण, दुर्गा–महिषासुर
विशेषरावण दहन, शस्त्र पूजा
महत्व एवं परंपराएँ
इस दिन रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन होता है। शस्त्र-पूजा, अपराजिता पूजन और सीमोल्लंघन की परंपरा भी है। यह दिन नए कार्य आरंभ करने के लिए अत्यंत शुभ (अबूझ मुहूर्त) माना जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQ
विजयादशमी पर क्या शुभ होता है?
यह साढ़े तीन अबूझ मुहूर्तों में से एक है — बिना पंचांग देखे भी नया कार्य, वाहन/संपत्ति खरीद व शुभारंभ किया जा सकता है।
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