रुद्राक्ष के प्रकार और लाभ — Rudraksha Guide
Ek mukhi se chaudah mukhi tak — Rudraksha ke prakar aur unke laabh.
रुद्राक्ष भगवान शिव के आँसुओं से उत्पन्न माना जाता है। इसके "मुखी" (धारियों) के अनुसार अलग-अलग लाभ होते हैं।
प्रमुख रुद्राक्ष
- एक मुखी: शिव स्वरूप — एकाग्रता, मोक्ष।
- पंच मुखी: सबसे सामान्य — स्वास्थ्य, शांति (सभी धारण कर सकते हैं)।
- गौरी शंकर: दांपत्य सुख व संबंधों में मधुरता।
धारण विधि
सोमवार या शिवरात्रि को गंगाजल से शुद्ध कर "ॐ नमः शिवाय" जपते हुए धारण करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQ
रुद्राक्ष पहनने के नियम क्या हैं?
रुद्राक्ष को स्वच्छ रखें, सोते व अशुद्ध अवस्था में उतार दें, और किसी और को न पहनने दें।
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