जप माला में 108 मनके क्यों? — 108 Ka Mahatva
108 sankhya ka aadhyatmik aur khagoliya mahatva.
जप माला में 108 मनके होते हैं — यह संख्या हिंदू, बौद्ध व योग परंपरा में पवित्र मानी जाती है। इसके पीछे आध्यात्मिक व खगोलीय दोनों कारण हैं।
क्यों 108?
- सूर्य का व्यास पृथ्वी से लगभग 108 गुना है।
- 12 राशि × 9 ग्रह = 108।
- 27 नक्षत्र × 4 पाद = 108।
माला जपते समय मन एकाग्र रहता है और 108 बार मंत्र जप से ऊर्जा व शांति का संचार होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQ
सुमेरु मनका क्या है?
माला का 109वाँ (बड़ा) मनका "सुमेरु" कहलाता है; इसे लांघा नहीं जाता — यहाँ पहुँचकर माला को घुमाकर पुनः जप आरंभ करते हैं।
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